- मुख्यमंत्री ने किया दून मेडिकल कॉलेज सभागार का लोकार्पण, कहा— स्वास्थ्य सुविधाओं का हो रहा तेजी से विकास
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने 26 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दून मेडिकल कॉलेज के आधुनिक सभागार का भी लोकार्पण किया। सरकार के इस कदम से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं को और मजबूती मिलेगी तथा मरीजों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना के साथ प्रदेश की चिकित्सा सेवाओं को नई ऊंचाई पर ले जाने का कार्य करेंगे। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब पूरा विश्व संकट से गुजर रहा था, तब हमारे स्वास्थ्य कर्मियों ने फ्रंटलाइन वॉरियर के रूप में सेवा की और मरीजों की जान बचाने के लिए दिन-रात कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आयुष्मान योजना के तहत अब तक 11 लाख से अधिक मरीजों को 2100 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार मिल चुका है। इसके साथ ही, राज्य के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना बनाई गई है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा, राज्य में हेली एंबुलेंस सेवा भी शुरू की गई है, जो आपातकालीन स्थितियों में मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। सरकार द्वारा चिकित्सा शिक्षा को भी लगातार सशक्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 173 असिस्टेंट प्रोफेसर, 56 संकाय सदस्य और 185 तकनीशियन नियुक्त किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जाए। यही कारण है कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश के 22 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।

चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को उनके घर के निकट ही बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर में नए मेडिकल कॉलेज जल्द शुरू किए जाएंगे, जिससे प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों के बेहतर संचालन के लिए सुव्यवस्थित ट्रांसफर पॉलिसी, फैकल्टी की समय पर प्रोन्नति और सीटों के अनुसार कार्मिकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, संविदा कर्मियों के वेतन संशोधन और नर्सिंग स्टाफ के समायोजन पर भी काम किया जा रहा है। चिकित्सा सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि सरकार न केवल चिकित्सा सेवाओं को बल्कि चिकित्सा शिक्षा को भी मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती की जा रही है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।









