- वैज्ञानिक से पुलिस अधिकारी तक का रहा सफर
- 2005 में राज्य पुलिस सेवा में हुए थे शामिल
- मेधावी सेवा के लिए मिल चुका है पुलिस पदक
नैनीताल। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड पुलिस के अधिकारी और नैनीताल में पुलिस अधीक्षक अपराध/यातायात के पद पर तैनात डॉ. जगदीश चन्द्र को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नति मिलने पर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने उन्हें आईपीएस बैच लगाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। वहीं, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित नैनीताल पुलिस परिवार ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई। डॉ. जगदीश चन्द्र का शैक्षणिक और पेशेवर सफर काफी विविध रहा है। उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय से पर्यावरण विज्ञान में एमएससी तथा जेएनयू से एमफिल और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। वर्ष 2002 से 2005 तक उन्होंने भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद में वैज्ञानिक के रूप में सेवाएं दीं।

इसके बाद वर्ष 2005 में राज्य पुलिस सेवा में शामिल हुए और देहरादून, चमोली तथा ऊधम सिंह नगर में विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2013 में अपर पुलिस अधीक्षक पद पर पदोन्नत हुए। उन्होंने देहरादून, काशीपुर और हल्द्वानी में नगर पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न पदों पर सेवाएं दीं। अपने सेवाकाल में उन्होंने कुंभ मेला, नंदा राजजात यात्रा और कोविड-19 के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। पुलिस बैंड के गठन में भी उनका योगदान रहा। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2016 और 2020 में सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न तथा वर्ष 2025 में गृह मंत्रालय की ओर से पुलिस पदक (मेधावी सेवा) से सम्मानित किया जा चुका है। आईपीएस में पदोन्नति को उनकी लंबी पुलिस सेवा की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
