हल्द्वानी। प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव का माहौल अपने चरम पर है और हल्द्वानी का एमबीपीजी कॉलेज भी इस सियासी रंग में पूरी तरह रंग चुका है। प्रदेश की दोनों प्रमुख पार्टियांभाजपा और कांग्रेस अपनी-अपनी छात्र इकाइयों एबीवीपी और एनएसयूआई के प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए जोर-आजमाइश में जुट गई हैं। बुधवार, 24 सितंबर को कॉलेज परिसर में नामांकन प्रक्रिया ने छात्र राजनीति का पारा और चढ़ा दिया। अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी ने अभिषेक गोस्वामी, एनएसयूआई ने कमल बोरा और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अरशद अल्वी ने मैदान संभाल लिया है। तीनों नामांकन दाखिल होने के बाद यह तय माना जा रहा है कि अध्यक्ष पद की जंग दिलचस्प और त्रिकोणीय होगी। इसके अलावा उपाध्यक्ष पद के लिए 2, महिला उपाध्यक्ष के लिए 1, सचिव के लिए 1, उपसचिव के लिए 1, कोषाध्यक्ष के लिए 3, संस्कृति सचिव के लिए 1, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के लिए 2, कला संकाय के लिए 33, वाणिज्य संकाय के लिए 3 और विज्ञान संकाय के लिए 13 उम्मीदवारों ने नामांकन किया।
कुल मिलाकर बुधवार को 63 छात्रों ने चुनावी पर्चा दाखिल किया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 23 और 24 सितंबर को नामांकन प्रक्रिया संपन्न की जा रही है। 25 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी, जिसके बाद वास्तविक चुनावी मैदान साफ होगा। 26 सितंबर को छात्रों की आम सभा होगी और 27 सितंबर की सुबह मतदान के बाद दोपहर में मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनावी माहौल को देखते हुए कॉलेज परिसर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राजनीतिक दलों के नेताओं की हलचल और छात्रों का उत्साह साफ संकेत दे रहा है कि इस बार का छात्रसंघ चुनाव न केवल शैक्षणिक हलकों बल्कि पूरे हल्द्वानी शहर की राजनीति को भी गर्माहट देने वाला है।






