देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक प्रकरण ने बड़ा मोड़ ले लिया है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी खालिद मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले उसकी बहन साबिया को भी हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस ने खुलासा किया है कि खालिद ने सुनियोजित तरीके से मोबाइल को परीक्षा केंद्र में छुपाकर अंदर ले गया और वहीं से प्रश्नपत्र के फोटो खींचकर बाहर भेजे। पुलिस के अनुसार, खालिद ने अपनी बहन साबिया के जरिए टिहरी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात सुमन से संपर्क साधा, जिसने प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराए। हालांकि परीक्षा कक्ष में दोबारा मोबाइल का इस्तेमाल न कर पाने के कारण खालिद उत्तर पत्रक पर सही उत्तर भरने में विफल रहा। यही कारण है कि पेपर लीक का फायदा उसे व्यक्तिगत रूप से नहीं मिल पाया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पूर्व में प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल रहने के बाद उसने यह योजना बनाई थी। उसने हरिद्वार और टिहरी से चार अलग-अलग आवेदन किए थे और परीक्षा केंद्र की पहले से रेकी भी की थी।
पुलिस को उसके पास से वह आईफोन बरामद हुआ है, जिसका इस्तेमाल पेपर आउट करने में किया गया। फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि अब तक किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता के सबूत नहीं मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए प्रश्नपत्र के स्क्रीनशॉट वही थे, जिन्हें खालिद ने परीक्षा केंद्र के अंदर से भेजा था। घटना के बाद खालिद फरार होकर दिल्ली, फिर लखनऊ और अंत में हरिद्वार लौटा, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विवेचना अभी जारी है और यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़े सबूत हैं तो वे जांच अधिकारी को उपलब्ध करवा सकते हैं। आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं उपाय) अध्यादेश 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया है।






