हल्द्वानी। भाई-बहन के स्नेह और रिश्तों की मजबूती का पर्व रक्षाबंधन इस बार हल्द्वानी जेल में एक अलग ही रंग लेकर आया, जब कुमाऊं कमिश्नर एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने महिला बंदियों के संग यह पावन त्योहार मनाया। रक्षाबंधन की शुभ बेला पर जेल की ऊंची दीवारों के बीच राखी की गूंज, अपनत्व की खुशबू और भावनाओं की गर्माहट महसूस की गई। कमिश्नर दीपक रावत अपनी धर्मपत्नी विजेता रावत के साथ जेल पहुंचे, जहां महिला बंदियों ने उन्हें राखी बांधकर भाई का स्नेह जताया। कई महिला बंदियों के अपने भाई इस बार राखी पर उनसे मिलने नहीं आ सके थे, ऐसे में उनकी भावनाओं को समझते हुए रावत दंपति ने स्वयं जेल आकर उनके साथ यह पर्व मनाने का निर्णय लिया।
राखी बंधवाने के बाद श्री रावत ने महिला बंदियों से आत्मीय बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और यथासंभव मदद का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर उन्होंने जेल का निरीक्षण भी किया और देखा कि महिला एवं पुरुष बंदी पेंटिंग, बढ़ईगिरी और अन्य उत्पादक कार्यों में संलग्न हैं। इन कार्यों से न केवल उन्हें आर्थिक आमदनी हो रही है, बल्कि डिप्लोमा प्राप्त कर रिहाई के बाद वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे। कमिश्नर ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल बंदियों को पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में लौटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जेल अधीक्षक प्रमोद पांडेय सहित पूरा स्टाफ इस अवसर पर मौजूद रहा।







