देहरादून। उत्तराखंड की देहरादून पुलिस ने अन्तर्राज्जीय साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अवैध रूप से कॉल सेन्टर संचालित कर लोगों से धोखाधडी करने वाले 08 लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं। गिरोह के सभी आरोपी महाराष्ट्र, पश्चिमी बंगाल, गुजरात व बिहार के रहने वाले हैं। आरोपी खुद को इंटरनेशनल एन्टी हैकिंग डिपार्टमेंट का अधिकारी बताकर विदेश में रह रहे लोगो के साथ धोखाधड़ी करते हैं। दून पुलिस के अनुसार एसएसपी देहरादून को राजपुर क्षेत्र आईटी पार्क के पास स्थित सायनोटेक बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में अवैध इंटरनेशनल कॉल सेंटर के संचालित होने तथा उक्त कॉल सेंटर के माध्यम से विदेशी लोगों को कॉल कर उनसे ठगी किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी, जिस पर एसएसपी देहरादून ने पुलिस अधीक्षक नगर तथा क्षेत्राधिकारी मसूरी के नेतृत्व में 02 अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।
गठित टीम ने देर रात राजपुर क्षेत्रान्तर्गत संचालित अवैध कॉल सेन्टर (ग्लोबल टेक एनर्जी सॉल्यूशन) पर छापेमारी की। कार्यवाही में पुलिस को मौके पर एक बड़े हॉल में लगभग 100 केबिन का एक कॉल सेन्टर का संचालन होता मिला, जहां पर अलग-अलग कैबिनो में बैठे युवक/युवतियो द्वारा सिस्टमो के माध्यम से कॉले अटैण्ड की जा रही थी, जो स्वंय को इंटरनेशनल एंटी हैकिंग डिपार्टमेंट का प्रतिनिधि बताकर लोगो से उनके कम्पयूटर सिस्टम से हैकिंग हटाने के नाम पर उनके बैंक खातो की जानकारी प्राप्त कर रहे थे। मौके पर पुलिस द्वारा कॉल सेन्टर संचालित कर रहे 08 लोगो को भी हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम मीहिर आश्विन भाई पटेल, ललित उर्फ रोडी, आमीर सुहेल, मनोज मीरपुरी, अंकित सिंह, कौशिक जाना, शिवम दुबे व गोस्वामी हेत भारती बताया।

पूछताछ में मुख्य आरोपी मिहिर अश्वनी भाई व ललित उर्फ रोडी ने बताया कि उनके द्वारा फर्जी कॉल सेन्टर संचालित किया जा रहा है, जिसमें वे लोग यूएसए व कनाडा के लोगो को टारगेट कर स्वंय को इंटरनेशनल एन्टी हैकिंग एजेन्सी का अधिकारी बताकर उनके कम्प्यूटर सिस्टम के हैक होने तथा किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा उसका एक्सेस प्राप्त कर इस्तेमाल किये जाने की जानकारी दी जाती है, तथा उसे ठीक करने के लिये उन्हें पॉप अप मैसेज के माध्यम से उनके सिस्टमों का एक्सेस प्राप्त किया जाता है। सिस्टमों का कन्ट्रोल लेकर उनके बैक खाते से एनटीहैकिग सर्विस के नाम पर स्कैम किया जाता है। पॉप अप मैसेजो को उनकी एक अन्य टीम, जो यूएसए में है, के द्वारा भेजा जाता है, तथा अन्य टीम द्वारा ही पॉप अप कैम्पेन को रन करते हुए पैसो के लेन-देन का हिसाब रखा जाता है तथा धोखाधड़ी से FITH THIRD BANK के माध्यम से पैसों का लेन देन कर प्राप्त पैसो को हवाला के माध्यम से उन तक पहुंचाया जाता है।

आरोपियों ने बताया कि उनके द्वारा भेजे गये पॉप अप मैसेजो के दिये नम्बर से ग्राहक हमसे सम्पर्क करते है। लोगो के सिस्टमों का रिमार्ट एक्सेस लेने के लिये अभियुक्त QUICK ASSIST, LOGMEIN, GO SHARE, TINY URL आनलाईन एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते है तथा काल रिसिव करने के लिये EYEBEAM, ASIA ONE जैसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते है, साथ ही आउट बाउन्ड काल करने के लिये 2 LINE, TALK TONE जैसे आनलाईन एप्प का इस्तेमाल किया जाता है। मौके पर पुलिस टीम द्वारा केबिनो मे लगे लैपटॉप तथा डैस्कटॉप को चैक करने पर उनकी स्क्रीन पर EYEBENM एप्प का उपयोग किया जाना तथा मिसड/ डाइल कॉलों में विदेशी नम्बरों का होना पाया गया, साथ ही कुछ लेपटॉपो पर अलग-अलग एप्लीकेशन के माध्यम से पैसो के लेने देने से सम्बन्धित विवरण प्राप्त हुए। इधर मौके पर पुलिस टीम द्वारा सभी उपकरणो को सील करते हुए कॉल सेन्टर संचालित करने वाले सभी 08 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वही सफलता अपने वाली टीम को एसएसपी देहरादून ने 25000/- रू0 के नगद पुरूस्कार से पुरूस्कृत करने की घोषणा की।






