नैनीताल। उच्च न्यायालय को धमकी भरा ई-मेल मिलने की सूचना से प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं और न्यायालय परिसर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई। सूचना मिलते ही कुमायूँ परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल स्वयं मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उनके निर्देशन में न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया, वहीं हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल मंजूनाथ टी.सी., पुलिस अधीक्षक अपराध डॉ. जगदीश चंद्रा सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। आईजी ने एसएसपी को न्यायालय की समस्त सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय परिसर में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जहां एंटी-सैबोटाज जांच, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते ने गहन निरीक्षण किया।

सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर प्रत्येक आगंतुक की कड़ी तलाशी सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी की एक कंपनी और एटीएस टीम को भी तैनात किया गया है। प्रशासन ने यह भी तय किया है कि न्यायालय के प्रत्येक प्रवेश द्वार पर अधिकृत पत्र के आधार पर ही बाहरी व्यक्तियों की एंट्री होगी और आगंतुकों का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। साथ ही सीसीटीवी कैमरों की 24×7 निगरानी और साइबर सेल द्वारा ई-मेल की तकनीकी जांच कर उसके स्रोत का पता लगाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य एसटीएफ और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। कुमायूँ पुलिस ने आमजन को आश्वस्त किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और न्यायालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।







