
देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में भारी से बहुत भारी बर्फबारी की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के जिलाधिकारियों को आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश जारी किए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात और 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर अत्यधिक भारी बर्फबारी हो सकती है। इस कारण हिमस्खलन की आशंका जताई जा रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन और राहत दलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।


सभी जिलों में आवागमन को नियंत्रित करने, आपदा प्रबंधन प्रणाली को सक्रिय रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभागों को सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने, राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्कूलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन पर रोक लगाने की सिफारिश की गई है, ताकि किसी अप्रिय घटना को टाला जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें और किसी भी आपदा की सूचना तुरंत राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष को दें। प्रदेश में सुरक्षा और राहत कार्यों को मजबूत करने के लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी हाई अलर्ट पर रहेंगे। आपदा प्रबंधन के तहत सभी जरूरी उपकरण और संसाधन पहले से तैनात किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।