हल्द्वानी। हर एक व्यक्ति तक अंतर्राष्ट्रीय मानक का प्रजनन उपचार उपलब्ध कराने के लिए भारत के 09 राज्यों में 20 के अधिक सेन्टर वाले प्रमुख आईवीएफ सेन्टर चेन “सीड्स ऑफ इनोसेंस” ने हल्द्वानी में अपना पहला और सबसे बड़ा अत्याधुनिक फर्टिलिटी सेंटर (प्रजनन केंद्र) की शुरुआत की। प्राकृतिक रूप से गर्भ धारण करने में असफल दंपत्तियों के लिए यह एक नई आशा की किरण होगी। इस क्षेत्र में सीड्स ऑफ इनोसेंस की रोडमैप योजना का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण परामर्श और बांझपन के विश्वसनीय इलाज की चाह रखने वाले युवा दंपत्तियों को प्रजनन सम्बंधी सेवाएं प्रदान करना है। हल्द्वानी में सीड्स ऑफ इनोसेंस का सेंटर निःसंतान दंपत्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिससे उन्हें दूसरे शहरों में इलाज के लिए भटकने की आवश्यकता नहीं होगी और हल्द्वानी में ही उनकी समस्या का समाधान मिल सकेगा।
लक्ष्मी मोहन टावर मुखानी चौराहा, बामोरी तल्ली, हल्द्वानी में स्थित सीड्स ऑफ इनोसेंस का फर्टिलिटी सेन्टर दूरदर्शी और प्रसिद्ध आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ गौरी अगर्वाल के दिशानिर्देश में स्थापित किया गया है। वह सीड्स ऑफ इनोसेंस की सह-संस्थापक भी हैं। नया फर्टिलिटी सेंटर अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम के साथ सुसज्जित है। इस केंद्र में भ्रूण चिकित्सा और आनुवंशिक परीक्षण की सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। हल्द्वानी, उत्तराखंड में शुरू की गई यह नई सुविधा इस क्षेत्र में वांझपन के इलाज के लिए समर्पित एक फैसलिटी, उपचारक, और काउंसलर के रूप में कार्य करेगी। सेंटर का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत एवं सांसद अजय भट्ट ने किया।

डॉ. धन सिंह रावत ने बांझपन और उसके उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सीड्स ऑफ इनोसेंस की सराहना करते हुए कहा, “यह नया केंद्र बांझपन से संबंधित चिंताओं के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुझे पूरा विश्वास है कि डॉ. गौरी के नेतृत्व में सीड्स ऑफ इनोसेंस राज्य में बेहतरीन कार्य करेगा।” इधर सांस अजय भट्ट ने सीड्स ऑफ़ इनोसेंस की प्रशंसा करते हुए कहा, “आईवीएफ का यह नया केंद्र उन दम्पतियों के लिए बहुत मददगार है जिनको बांझपन से जुडी समस्याएं है। वही डॉ. गौरी अग्रवाल पर हमें पूरा विश्वास है कि वह हमारे उत्तराखंड राज्य में इनफर्टिलिटी की समस्या को खत्म कर देंगी। “













