- सांसद अजय भट्ट बोले – बाईपास परियोजनाओं से सुधरेगी कुमाऊं की यातायात व्यवस्था
हल्द्वानी। नैनीताल-उधम सिंह नगर के सांसद और पूर्व केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कैंची धाम बाईपास परियोजना को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि इससे जुड़ी सभी आपत्तियां अब दूर हो चुकी हैं। लगभग 19 किलोमीटर लंबी इस बाईपास सड़क का 8 किलोमीटर हिस्सा पहले ही तैयार हो चुका है। अब शेष 11 किलोमीटर के लिए निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने जा रहा है। सांसद भट्ट ने बताया कि इस बचे हुए हिस्से के लिए पहाड़ कटान की निविदा आमंत्रित कर दी गई है। 450 लाख रुपये की लागत से यह निर्माण कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में पहाड़ कटान और 70 मीटर लंबे सेतु का निर्माण, दूसरे चरण में दीवार और कलमठ का निर्माण तथा तीसरे चरण में डामरीकरण का कार्य होगा। जुलाई से निर्माण शुरू होकर अगले 18 महीनों में यह सड़क पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगी।
इसके साथ ही, सांसद भट्ट ने गुलाब घाटी की ओर जाने वाले काठगोदाम-अमृतपुर बाईपास को लेकर भी अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए पहले वन भूमि हस्तांतरण में देहरादून स्थित नोडल वन संरक्षक कार्यालय द्वारा क्षतिपूरक वृक्षारोपण को लेकर आपत्ति जताई गई थी। अब रामनगर के पास 7.8 हेक्टेयर डी-ग्रेडेड फॉरेस्ट लैंड को क्षतिपूरक वृक्षारोपण हेतु चिन्हित कर मंजूरी दे दी गई है। इससे अब इस बाईपास का भी मार्ग साफ हो गया है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। सांसद ने कहा कि इन दोनों बाईपास परियोजनाओं से पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों और पर्यटकों का आवागमन सुगम होगा। साथ ही, हल्द्वानी-काठगोदाम की व्यस्त यातायात व्यवस्था में भी बड़ा सुधार आएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंची धाम बाईपास और काठगोदाम-अमृतपुर बाईपास दो अलग-अलग परियोजनाएं हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य क्षेत्र में यातायात सुगमता और पर्यटकों को राहत देना है।








