हल्द्वानी। उत्तराखण्ड में पेपर लीक कांड को लेकर बेरोजगार और छात्र संगठनों का आक्रोश अब आमरण अनशन के रूप में खुलकर सामने आ गया है। हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में बड़ी संख्या में युवा हाथों में तख्तियां लेकर और नारे बुलंद करते हुए सरकार के खिलाफ बैठे हैं।उनका साफ कहना है कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा और पेपर माफियाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन रुकेगा नहीं। अनशनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि हर बार जांच केवल कागजों तक सीमित रह जाती है और असली दोषी राजनीतिक संरक्षण के चलते बच निकलते हैं।
यही कारण है कि इस बार आंदोलनकारी आमरण अनशन पर बैठे हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि यदि न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन उग्र रूप लेगा। छात्र संगठनों ने दावा किया है कि यह आंदोलन अब केवल नौकरी की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज का मुद्दा बन चुका है। बुद्ध पार्क में “नौकरी दो, न्याय दो, पेपर माफियाओं को सजा दो” के नारों के बीच माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। पुलिस और प्रशासन हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं, वहीं सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी ने आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार युवाओं की इस आवाज़ को गंभीरता से सुनेगी या फिर यह चिंगारी प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले लेगी।






