हल्द्वानी। उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा प्रदेश में राज मार्गों और सड़कों के किनारे सरकारी और वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश के संबंध में डीएम वंदना ने कहा कि संबंधित विभागों ने अतिक्रमण को चिन्हित कर नोटिस दिये गये हैं। इसमेें 500 से अधिक लोगों को नोटिस थमाया गया है। उन्होेंने कहा कि अगर नोटिस के दरमियान उनके द्वारा जमीन के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं दिया जाता है तो उन पर प्रथम चरण में कार्रवाई की जाएगी। वहीं डीएम ने कहा कि कुछ केस ऐसे भी सामने आ रहे हैं जिनके पास संबंधित जमीन के दस्तावेज हैं लेकिन ये जमीन विभाग के दस्तावेजों में अंकित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में तहसील के अधिकारियों से जांच करायी जाएगी।
विदित हो कि मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ ने डीएम और डीएफओ को नोटिस जारी कर जांच के साथ ही अतिक्रमण हटाने के निर्देश दे दिये। साथ ही अदालत ने दोनों को चार सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट भी अदालत में पेश करने को कहा है। इस मामले में अगली सुनवाई 05 सितम्बर को सुनवाई होगी।







