देहरादून। जल्दी अमीर बनने के लालच में मामा-भांजे की जोड़ी ने खौफनाक साजिश रचते हुए एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग की हत्या कर दी। खनन विभाग से रिटायर हुए 68 वर्षीय बुजुर्ग को इलाज का झांसा देकर देवबंद ले जाया गया, जहां गला घोंटकर उनकी हत्या कर शव नहर में फेंक दिया गया। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए देहरादून और सहारनपुर से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से मृतक के खाते से निकाले गए 4.80 लाख रुपये नकद, चेक, एफडी और अन्य सामान बरामद किया गया है। घटना का खुलासा तब हुआ जब मृतक के भतीजे संजय कुमार ने 6 मार्च को थाना रायपुर में अपने चाचा जगदीश के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच में पता चला कि जगदीश मूल रूप से रायबरेली के निवासी थे और देहरादून के नथुवावाला ढांग क्षेत्र में किराये पर रहते थे।

उनके मोबाइल और बैंक खातों की जांच के दौरान संदेह हुआ, क्योंकि उनके खाते से लगातार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो रहे थे। जांच में पता चला कि यह रकम एक बैंक खाते में ट्रांसफर की जा रही थी, जिसे हाल ही में मोहित त्यागी नामक व्यक्ति ने खुलवाया था। पुलिस ने जब मोहित को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपने मामा प्रवीण त्यागी के साथ मिलकर हत्या करने की बात कबूल कर ली। दोनों आरोपियों ने मृतक की 25 लाख रुपये की जमा राशि हड़पने के लिए यह साजिश रची थी। मोहित ने पहले जगदीश से दोस्ती कर उनकी निजी जानकारी जुटाई और उन्हें भरोसे में लिया। फिर इलाज का झांसा देकर देवबंद ले जाकर 5 फरवरी को रस्सी से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी।

इसके बाद शव को कार की डिक्की में रखकर 7-8 किलोमीटर दूर एक नहर में फेंक दिया। हत्या के बाद मोहित ने मृतक का मोबाइल सिम अपने फोन में डालकर उसके आधार कार्ड से लिंक किया और यूपीआई आईडी बनाकर 13 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। बाकी रकम मामा-भांजे ने नकद निकाली और एफडी में निवेश कर दी। देहरादून पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देवबंद से प्रवीण त्यागी को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई सैंट्रो कार, मृतक का सिम कार्ड, 3.5 लाख रुपये का चेक, 5 लाख रुपये की एफडी और 4.80 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।






