- बिना नवीनीकरण चल रहा था ‘साई कृपा ट्रस्ट’, मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ पर कार्रवाई के निर्देश
हल्द्वानी। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशों के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल ने नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सख्ती दिखाते हुए बड़ा कदम उठाया है। अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल के निर्देशन में सिविल जज (सीडी) एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पारुल थपलियाल द्वारा उप जिलाधिकारी नवाजिश खलिक, चिकित्सा विभाग के एसीएमओ डॉ. श्वेता भंडारी तथा पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर हल्द्वानी के कमलावागंज क्षेत्र में संचालित ‘साई कृपा ट्रस्ट’ नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे प्रशासनिक और स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही की तस्वीर साफ दिखाई दी। जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित संस्था द्वारा आवश्यक नवीनीकरण नहीं कराया गया है और इसके बावजूद बिना वैध अनुमति के केंद्र का संचालन किया जा रहा था।
इतना ही नहीं, परिसर में साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का भी अभाव था, जिससे वहां भर्ती रोगियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई। निरीक्षण टीम ने पाया कि केंद्र में मरीजों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है, जो मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम 2017 तथा राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण, उत्तराखण्ड नियमावली 2023 में निर्धारित मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है। इन नियमों के तहत मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाली संस्थाओं के लिए निर्धारित प्रावधानों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि नियमों के उल्लंघन के मामले में साई कृपा ट्रस्ट के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई तत्काल की जाए।प्रशासन की इस कार्रवाई से नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं और यह स्पष्ट संदेश गया है कि मरीजों की सुरक्षा और अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






