- झील में कचरा और जल निकासी की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश, नाले-नालियों की GPS व ड्रोन मैपिंग भी होगी
नैनीताल। मानसून की बारिश के बीच नैनीताल झील में कचरे के गिरने और तल्लीताल-मल्लीताल क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी वंदना ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागीय अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने इन समस्याओं के तात्कालिक और दीर्घकालिक समाधान के लिए विभागों को तत्काल प्रभाव से प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जलभराव व झील प्रदूषण जैसी समस्याएं जनहित और पर्यटन दोनों के लिए खतरनाक हैं, और इनके समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि सोमवार से अगले एक पखवाड़े तक नगर के 15 वार्डों में वृहद सफाई अभियान चलाया जाए।
इस अभियान की मॉनिटरिंग उप जिलाधिकारी नैनीताल की अगुवाई वाली टीम करेगी, जिसमें सिंचाई, जल संस्थान और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। उन्होंने सभी पालिका सभासदों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में जल निकासी के अवरुद्ध बिंदुओं की पहचान कराएं ताकि उन्हें चिन्हित कर सुधारा जा सके। साथ ही, नालों का GPS व ड्रोन सर्वे करने और अतिक्रमण चिन्हित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर मौके पर ही चोक नालियों की सफाई की जाएगी। इसके लिए वार्डवार अभियान का कैलेंडर तैयार कर लिया गया है और संबंधित अधिकारियों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से रियल टाइम अपडेट देने को कहा गया है। डीएम वंदना ने यह भी कहा कि जिन आवासों या होटलों की छतों का पानी सीधे सीवर से जोड़ा गया है, उनके मालिकों पर चालान किया जाए। इसके अलावा, डस्टबिन से रोजाना कूड़ा उठाने और नालों में कूड़ा फेंकने वालों पर भी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं।






