नैनीताल। जिलाधिकारी वंदना सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय सभागार, नैनीताल में सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में जिलाधिकारी ने विभाग की प्रवर्तन कार्यवाही और सड़क सुरक्षा कार्यों की प्रगति पर गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान लोनिवि ईई रत्नेश सक्सेना ने जानकारी दी कि अगस्त 2024 तक जिले में कुल 106 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 85 लोगों की मृत्यु और 75 लोग घायल हुए। जिलाधिकारी ने इस दौरान ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार, मदिरा सेवन और मोबाइल के इस्तेमाल को सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताया और इन पर नियंत्रण हेतु परिवहन विभाग व पुलिस को सख्त प्रवर्तन कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
सड़क सुरक्षा के मद्देनजर, जिलाधिकारी ने सभी ब्लैक स्पॉट्स को शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही, परिवहन विभाग और एसडीएम को हाल ही में पूरी हुई सड़क परियोजनाओं का निरीक्षण कर पैराफिट, क्रैश बैरियर और सुरक्षा दीवारों की गुणवत्ता जांचने को कहा। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और नो पार्किंग जोन में साइन बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए। सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए जिलाधिकारी ने एनजीओ और स्कूलों के माध्यम से प्रचार-प्रसार अभियान चलाने की बात कही। साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों के परिवारों का सर्वे एक माह में पूरा कर पुनर्वास हेतु सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।

डीएम ने परिवहन और पुलिस प्रशासन को ऑटो, रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों के लिए कार्यशालाएं आयोजित कर उन्हें बालिका सुरक्षा, मोटर व्हीकल एक्ट, ड्रेस कोड, आईडी कार्ड और रोड सेफ्टी के मानकों की जानकारी देने को कहा। उन्होंने एनएच अधिकारियों को निर्देश दिया कि नरीमन चौराहे से भीमताल तिराहे तक की सड़क को एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त किया जाए। बरसात के बाद युद्ध स्तर पर गड्ढा मुक्त अभियान चलाने का भी आदेश दिया गया। इस बैठक में एसपी क्राइम हरबंस सिंह, आरटीओ प्रवर्तन हल्द्वानी डॉ. गुरदेव सिंह, ईई लोनिवि रत्नेश सक्सेना, एआरटीओ संदीप वर्मा सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।






