हल्द्वानी। नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड के आदेश पर स्थगित मतगणना प्रक्रिया फिर शुरू हो गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने शुक्रवार को जारी आदेश में स्पष्ट किया कि मतगणना पूर्व में जहां रुकी थी, वहीं से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के साथ पुनः शुरू की जाएगी, लेकिन परिणाम की घोषणा फिलहाल आरक्षित रहेगी। हाईकोर्ट में SUO MOTU PIL IN RE FREE AND FAIR ELECTIONS OF ZILA PANCHAYAT बनाम स्टेट ऑफ उत्तराखण्ड मामले की सुनवाई 18 अगस्त को निर्धारित है। इसके साथ ही 2019 में दायर विपुल जैन और आशीर्वाद गोस्वामी बनाम उत्तराखण्ड राज्य संबंधी याचिकाओं में दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भी आयोग ने सख्त हिदायत दी है।


जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया स्थगित करने का अधिकार उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, लेकिन मतदान में प्रयुक्त मतपेटियों और मतपत्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आदेश के अनुसार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवारों को मतगणना में उपस्थित होने की सूचना दी गई है। यदि एक घंटे की प्रतीक्षा के बाद भी उम्मीदवार उपस्थित नहीं होते, तो प्रक्रिया प्रेक्षक की मौजूदगी में जारी रहेगी। मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम प्रपत्र को नियमों के तहत सत्यापित, सीलबंद कर कोषागार में सुरक्षित रखा जाएगा। हाईकोर्ट और राज्य निर्वाचन आयोग से आगे के आदेश प्राप्त होने के बाद ही परिणाम सार्वजनिक किया जाएगा। मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे घटनाक्रम पर जिला प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है।














