हरिद्वार। जनपद में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में जाली दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्र जारी नहीं होने दिए जाएंगे और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी मय्यूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने बताया कि विकासखंड बहादराबाद क्षेत्र में एक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने का मामला जांच में सामने आया है। जांच में पाया गया कि ज्वालापुर क्षेत्र निवासी एक दंपत्ति ने अपनी पुत्री का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वर्ष 2009 का हस्तनिर्मित प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था, जिसके आधार पर सीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।

हालांकि बाद में की गई जांच में पता चला कि जिस अस्पताल का उल्लेख जन्म प्रमाण पत्र में किया गया था, वह वर्ष 2008 में अस्तित्व में ही नहीं था। इससे यह स्पष्ट हुआ कि दस्तावेज जाली थे और धोखाधड़ी कर ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र जारी कराया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आरोपी दंपत्ति के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, कूटरचना और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी धाराओं में तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए और जारी किए गए ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र को निरस्त किया जाए। प्रशासन ने यह भी आशंका जताई है कि इसी प्रकार के फर्जी आवेदन अन्य निकायों में भी किए गए हो सकते हैं, जिनकी जांच की जा रही है।






