देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ और देहरादून पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात अपराधी सुनील राठी के गैंग से जुड़े दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो अवैध पिस्टल और सात जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी देहरादून में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे और हरिद्वार व देहरादून की विवादित जमीनों में दखल देकर गैंग के लिए उगाही कर रहे थे। देहरादून में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्तराखण्ड एसटीएफ और दून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने राजपुर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन से कुख्यात सुनील राठी गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान भानू चौधरी निवासी सहारनपुर और पारस निवासी मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके पास से दो अवैध .32 बोर पिस्टल और सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पारस पहले कुख्यात गैंगस्टरों मुख्तार अंसारी और संजीव जीवा के गिरोह में शूटर के रूप में सक्रिय रहा है। दोनों अपराधियों की मौत के बाद वह सुनील राठी गैंग में शामिल हो गया था। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी गैंगस्टर सुनील राठी के इशारे पर हरिद्वार और देहरादून की विवादित और कीमती जमीनों में हस्तक्षेप कर कारोबारियों और प्रॉपर्टी से जुड़े लोगों से उगाही कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पारस का जेल में बंद सुनील राठी से लगातार संपर्क बना हुआ था। बरामद मोबाइल फोन की जांच में दोनों के बीच नियमित बातचीत के प्रमाण मिले हैं। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी अक्सर जेल में जाकर सुनील राठी से मुलाकात करते थे और उसी के निर्देश पर काम करते थे। एसटीएफ के अनुसार दोनों आरोपी देहरादून में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। पुलिस ने उनके खिलाफ थाना राजपुर में धारा 111(3) बीएनएस और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही पूरे नेटवर्क और इस मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की गहन जांच की जा रही है।







