हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल में जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक सख्ती साफ नजर आई जब आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने भूमि विवाद, धोखाधड़ी, अवैध निर्माण और गैस वितरण में कालाबाजारी जैसे गंभीर मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। हल्द्वानी कैंप कार्यालय में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में उन्होंने कई मामलों की मौके पर ही सुनवाई कर समाधान कराया, जबकि गंभीर प्रकरणों में जांच और मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। जनसुनवाई में मुक्तेश्वर क्षेत्र में प्लॉट और विला के नाम पर करीब 6 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आने पर आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपी बिल्डर मनोज जोशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ताओं के अनुसार हिलक्रेस्ट और शिखर प्रॉपर्टीज के नाम पर छह लोगों से एक-एक करोड़ रुपये लेकर प्लॉट और विला देने का वादा किया गया था, लेकिन न तो प्राधिकरण से नक्शा पास कराया गया और न ही निर्माण से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
आयुक्त ने विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर यह भी जांच करने को कहा कि जिस भूमि पर प्लॉटिंग और निर्माण किया जा रहा है वह कंपनी के नाम दर्ज है या नहीं। आयुक्त ने मुक्तेश्वर क्षेत्र में होम स्टे के नाम पर बहुमंजिला होटल और रिसॉर्ट बनाए जाने पर भी कड़ी नाराजगी जताई और इसे भू-कानून का उल्लंघन बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्ष 2022 के बाद बने सभी भवनों के अभिलेखों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही सील की गई इमारतों में दोबारा निर्माण होने पर संबंधित जेई की जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में गैस वितरण प्रणाली में गड़बड़ी की शिकायत भी सामने आई। हल्द्वानी शहर में इंडेन गैस एजेंसी द्वारा कम तौल के सिलेंडर देने और कालाबाजारी की शिकायत पर आयुक्त ने कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक को जांच के निर्देश दिए और सप्ताह में दो बार औचक निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें लिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भवाली क्षेत्र के नागरी गांव में फॉरेस्ट लैंड पर अवैध कब्जे का मामला सामने आने पर आयुक्त ने राजस्व विभाग, विकास प्राधिकरण और वन विभाग को संयुक्त कार्रवाई कर अवैध निर्माण हटाने और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ लैंड ग्रैबिंग के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ रही अवैध प्लाटिंग और अनियोजित निर्माण पर्यावरण, भूजल और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों पर सख्त नीति और भू-उपयोग नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा ताकि भूस्खलन, जंगलों के नुकसान और पर्यावरणीय संकट जैसी समस्याओं को रोका जा सके।








