देहरादून। उत्तरांचल पॉवर इंजीनियर्स एसोसिएशन की अहम बैठक में यूपीसीएल में प्रस्तावित सेवा विस्तार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एसोसिएशन ने निदेशक (परिचालन) पद से जुड़े एक उच्चाधिकारी को मुख्य अभियंता के मूल कैडर पद पर सेवा विस्तार देने की संभावनाओं का कड़ा विरोध करते हुए इसे नियमों के खिलाफ और अभियंताओं के अधिकारों पर सीधा प्रहार बताया है। बैठक में मौजूद वरिष्ठ अभियंताओं ने एक स्वर में कहा कि इस तरह के सेवा विस्तार से न केवल पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि वर्षों से सेवा दे रहे पात्र अभियंताओं का मनोबल भी गिरता है।
उनका आरोप है कि इससे अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों के प्रमोशन के अवसर बाधित होते हैं, जो पूरी व्यवस्था के लिए नुकसानदायक है। एसोसिएशन ने इस मुद्दे को केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि भेदभावपूर्ण कदम करार देते हुए कहा कि यह नियमावली के विपरीत है और अनुभवी अभियंताओं के अधिकारों का हनन करता है।बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि सेवा विस्तार का निर्णय लिया जाता है तो एसोसिएशन के सदस्य सामूहिक इस्तीफा देने जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह तोमर, महासचिव राहुल चानना सहित कई वरिष्ठ और वर्तमान पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए संघर्ष की रणनीति पर भी चर्चा की।






