देहरादून। प्रदेश की राजधानी देहरादून में मंजिली गाड़ियों की अव्यवस्थाओं पर परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान दो दिनों में 164 गाड़ियों के चालान किए गए, जबकि 8 गाड़ियों को सीधे बंद कर दिया गया। इस कार्रवाई से परिवहन विभाग की सख्ती और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मंशा साफ झलक रही है। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संदीप सैनी के अनुसार, यह अभियान 23 और 24 सितम्बर को 12 अलग-अलग टीमों के जरिए चलाया गया। अभियान में सामने आया कि कई मंजिली गाड़ियां बिना वैध कंडक्टर लाइसेंस, बिना किराया सूची और समय सारणी चस्पा किए, यहां तक कि यात्रियों को टिकट दिए बिना ही संचालित की जा रही थीं।
अभियान के दौरान कंडक्टर लाइसेंस न होने पर 83 गाड़ियों, यात्रियों को टिकट न दिए जाने पर 75, किराया सूची न लगी होने पर 76 और समय सारणी न प्रदर्शित होने पर 44 गाड़ियों के चालान किए गए। विभाग ने साफ किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इस चेकिंग में एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत, अनिल नेगी, कृष्ण चंद्र पलाड़िया, जितेंद्र बहादुर चंद सहित परिवहन कर अधिकारी एम.डी. पपनोई, अनुराधा पंत, श्वेता रौथाण, मुकुल मरवाल, परीक्षित भंडारी, रविंद्र पाल सैनी, हरीश रावल, वरूणा सैनी, महावीर नेगी और के.के. बिजल्वाण शामिल रहे।






