हल्द्वानी। बहुचर्चित बनभूलपुरा हिंसा मामले में आरोपित दो पूर्व पार्षदों को बड़ी राहत मिली है। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने जीशान परवेज उर्फ शेबु और महबूब आलम की जमानत मंजूर कर दी है, जिससे उनके समर्थकों में राहत और संतोष का माहौल है। मामले की सुनवाई हाई कोर्ट के न्यायाधीश मनोज तिवारी और पंकज पुरोहित की खंडपीठ में हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दिवेंद्र सिंह पाटनी, अधिवक्ता त्रिभुवन फर्त्याल और अधिवक्ता धर्मेंद्र बर्त्वाल ने प्रभावी पैरवी की।

जानकारी देते हुए उवैस राजा ने बताया कि उनके भाई और पूर्व पार्षद जीशान परवेज उर्फ शेबु को जमानत हो गई है। वहीं जाहिर आलम ने भी अपने भाई और पूर्व पार्षद महबूब आलम की जमानत मंजूर होने की पुष्टि की। गौरतलब है कि बनभूलपुरा हिंसा मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है और इस पर लगातार कानूनी प्रक्रिया चल रही थी।








