देहरादून। उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ ने मुख्यमंत्री के सख्त नकल विरोधी कानून के तहत एक बड़े नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। हाकम सिंह और उसके सहयोगी पंकज गौड़ को गिरफ्तार किया गया है, जो उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराने के बहाने 12 से 15 लाख रुपये की वसूली करने की फिराक में थे। जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर 2025 को आयोजित स्नातक स्तरीय विभागीय परीक्षा के दौरान गिरोह द्वारा अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का प्रलोभन देकर मोटी रकम की मांग की जा रही थी। गिरोह की योजना थी कि यदि कोई अभ्यर्थी स्वतः चयनित हो जाता, तो पैसे अपने पास रखे जाते, और यदि चयन न होता, तो उन्हें अगले परीक्षा में एडजस्ट करने के बहाने फँसाया जाता।
एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने गोपनीय जांच और सर्विलांस के माध्यम से आरोपियों की सक्रियता पर नजर रखी और पटेल नगर क्षेत्र से दोनों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनो ने अभ्यर्थियों को धोखा देने तथा पैसे वसूलने की योजना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण में परीक्षा की सुचिता और गोपनीयता भंग नहीं हुई है। हाकम सिंह और पंकज गौड़ के खिलाफ कोतवाली पटेल नगर में उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि उत्तराखंड प्रशासन परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में अनुचित साधनों को पूरी तरह रोकने के लिए सतर्क है और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






