देहरादून। उत्तराखंड में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्तराखंड STF को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में ऑटोमेटिक हथियार बरामद किए गए हैं, जिससे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टीम ने कोतवाली जसपुर पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए दो पंप एक्शन गन, दो .32 बोर पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शमशेर सिंह और सिमरनजीत के रूप में हुई है। इनमें से सिमरनजीत थाना पुलभट्टा का हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे ये हथियार शाहजहांपुर से लाकर जसपुर क्षेत्र में बेचने की फिराक में थे। साथ ही यह भी सामने आया है कि इन हथियारों को फर्जी लाइसेंस के जरिए आगे खपाने की योजना थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार बीते दो सप्ताह के भीतर अवैध हथियारों के खिलाफ यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसमें अब तक कई कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि राज्य में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।












