देहरादून। एसएसपी देहरादून की कड़ी रणनीति और पुलिस के मजबूत चक्रव्यूह में फंसते हुए अंततः बाबा अमरीक गैंग का दाहिना हाथ और 10,000 रुपये का इनामी अपराधी संजय गुप्ता पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। आरोपी संजय गुप्ता को सोमवार को देहरादून के कचहरी परिसर से गिरफ्तार किया गया। वह अदालत में आत्मसमर्पण करने की फिराक में था। गिरोह के सरगना बाबा अमरीक और उसके छह सहयोगियों को पहले ही दून पुलिस जेल भेज चुकी है, जबकि संजय गुप्ता लंबे समय से फरार चल रहा था। गुप्ता के खिलाफ उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में धोखाधड़ी के 18 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस को विभिन्न राज्यों में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामलों में उसकी तलाश थी।
पुलिस के अनुसार, संजय गुप्ता और उसके सहयोगी जमीन के फर्जी सौदे करके लोगों को ठगते थे। बाबा अमरीक लोगों को जमीन की मिट्टी सूंघकर उसे शुभ बताने का नाटक करता था, और इसके बदले में मोटी रकम वसूली जाती थी। बाद में जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर बार-बार टालमटोल किया जाता, और मौका मिलते ही गिरोह फरार हो जाता। गुप्ता के खिलाफ उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, और पंजाब में कई संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें देहरादून के राजपुर और बसंत विहार थानों में करोड़ों की धोखाधड़ी के केस शामिल हैं। इसके अलावा, सहारनपुर, यमुनानगर, और मुजफ्फरनगर में भी संजय गुप्ता पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

राजपुर थाने में दर्ज एक मामले में संजय गुप्ता और उसके सहयोगियों पर जमीन बेचने के नाम पर करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप है। पुलिस की दबिश के बाद भी लंबे समय से फरार चल रहे संजय गुप्ता पर एसएसपी देहरादून द्वारा 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आज उसे गिरफ्तार कर लिया। संजय गुप्ता के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों में धोखाधड़ी, जालसाजी, और जमीन से संबंधित अपराधों की लंबी फेहरिस्त है। उसके खिलाफ देहरादून, सहारनपुर, यमुनानगर, और अन्य स्थानों में करीब 18 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष राजपुर उ0नि0 पी0डी0 भट्ट, उ0नि0 प्रवेश रावत व का0 अमित भट्ट शामिल रहे।






