- मुख्यमंत्री के निर्देश पर देहरादून प्रशासन का बड़ा कदम, जिलाधिकारी ने मांगी रिपोर्ट, सत्यापन अभियान होगा तेज़
देहरादून। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों तक सीमित रखने के सख्त निर्देशों के तहत अब देहरादून जिला प्रशासन ने अपात्र राशन कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड धारकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं लोगों को दिया जाए, जो निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक अहम निर्णय लेते हुए जिले में व्यापक सत्यापन अभियान की शुरुआत कर दी है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया है कि वे आगामी 15 दिवसों में जिले में आयुष्मान कार्ड धारकों की विस्तृत सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जिले के सभी राशन कार्ड धारकों का क्षेत्रवार विवरण मुख्य चिकित्साधिकारी को तत्काल उपलब्ध कराएं। राशन कार्ड धारकों के घर-घर जाकर वास्तविक आर्थिक स्थिति का परीक्षण करने के लिए टीम गठित कर दी गई है।
प्रशासन को विभिन्न माध्यमों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि अनेक अपात्र व्यक्ति फर्जी तरीके से राशन कार्ड एवं उसके आधार पर आयुष्मान कार्ड प्राप्त कर लाभ उठा रहे हैं। इसी को देखते हुए अब ऐसे सभी मामलों की छानबीन होगी और यदि कोई व्यक्ति अपात्र पाया गया, तो उसका कार्ड तत्काल निरस्त किया जाएगा तथा कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। गौरतलब है कि जनपद में कुल 3,87,954 राशन कार्ड पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक केवल 35,393 कार्ड ही सत्यापित किए जा सके हैं और 1,445 अपात्र कार्ड पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं। सत्यापन के बाद यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित विभाग राज्य खाद्य योजना, प्राथमिक परिवार योजना और अंत्योदय अन्न योजना के तहत आने वाले सभी कार्डों की पात्रता का परीक्षण करें।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अंत्योदय योजना के तहत वार्षिक आय सीमा 15,000 रुपये, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लिए 1.80 लाख रुपये तथा उत्तराखंड राज्य खाद्य योजना के लिए पांच लाख रुपये तय की गई है। इन आय सीमाओं के बाहर पाए गए किसी भी व्यक्ति को तत्काल योजना से बाहर किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे 4,000 कार्ड भी चिन्हित किए गए हैं, जिनमें आधार नंबर अपडेट नहीं है। इन कार्ड धारकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने संबंधित राशन डीलरों के समक्ष जाकर आधार अद्यतन कराएं, ताकि उन्हें योजना का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। जिला प्रशासन की इस पहल को जनहित में एक कठोर किंतु आवश्यक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित हो सकेंगी।







