- नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने लगाए पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल
- लोकगीत और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित ऑडिटोरियम में बुधवार को गढ़ भोज दिवस पर उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक खान-पान की रंगारंग झलक देखने को मिली। राजकीय नर्सिंग कॉलेज, हल्द्वानी की ओर से आयोजित समारोह में छात्र-छात्राओं ने पहाड़ के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए और लोकगीत-लोकनृत्य की प्रस्तुतियों से सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी के प्राचार्य प्रो. डॉ. अजय आर्या और राजकीय नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शबिस्ता अहमद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह का उद्देश्य उत्तराखंड के पारंपरिक खाद्य पदार्थों और स्थानीय खान-पान को बढ़ावा देने के साथ युवा पीढ़ी को अपनी भोजन संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों पर मंडुवा, झंगोरा, चौलाई, गहत, भट्ट, राजमा, जख्या सहित स्थानीय अनाज, दालों, साग-सब्जियों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों से तैयार व्यंजनों की विविधता देखने को मिली।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. अजय आर्या ने कहा कि गढ़ भोज उत्तराखंड की सदियों पुरानी खाद्य परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों से तैयार होने वाले पारंपरिक व्यंजन स्वाद के साथ-साथ पोषण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि मंडुवा, झंगोरा, चौलाई, गहत, भट्ट और स्थानीय साग-सब्जियां उत्तराखंड के पारंपरिक खान-पान की विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और बदलते खान-पान के बीच स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना जरूरी है। ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और लोक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। साथ ही स्थानीय उत्पादों के उपयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय उत्पादकों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है। गढ़ भोज दिवस के अवसर पर नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाकर पहाड़ की खाद्य संस्कृति और स्थानीय उत्पादों की विविधता प्रदर्शित की। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने लोकगीतों और लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में उत्तराखंड की लोक विरासत के रंग भर दिए और उपस्थित लोगों को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से रूबरू कराया। इस अवसर पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. अजय आर्या, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शबिस्ता अहमद, असिस्टेंट प्रोफेसर अनिता अधिकारी, ट्यूटर अंजू रानी, दीपिका जंगपांगी, सागर जोशी, गीतांजलि साह, संजय मेहता, मयंक राणा सहित नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
