चार कंपनियों से फर्जी दस्तावेजों के जरिए पत्नी को हटाने का आरोप, मुख्य आरोपी समेत भतीजा गिरफ्तार

  • देहरादून पुलिस की एसआईटी ने झांसी और बरेली से दबोचे दोनों आरोपी
  • महिला के फर्जी हस्ताक्षर कर भतीजे को निदेशक बनाने का आरोप
  • मुख्य आरोपी पर दर्ज हैं 44 आपराधिक मुकदमे

देहरादून। चार कंपनियों में निदेशक के पद से पत्नी को कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए हटाने के मामले में देहरादून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू और उसके भतीजे सतेंद्र राठौर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को झांसी और उसके भतीजे को बरेली से पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर को यमुना कॉलोनी निवासी रेखा आर्य ने कैंट कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने गिरधारी लाल साहू पर पूर्व में विवाहित होने के बावजूद उनसे विवाह करने, मारपीट, गाली-गलौच और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के साथ ही फर्जी हस्ताक्षर व दस्तावेज तैयार कर चार कंपनियों के निदेशक पद से हटाने का आरोप लगाया था।

चार कंपनियों से फर्जी दस्तावेजों के जरिए पत्नी को हटाने का आरोप, मुख्य आरोपी समेत भतीजा गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पर्यवेक्षण में नौ सदस्यीय एसआईटी गठित की। जांच में सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर पुलिस का आरोप है कि गिरधारी लाल ने अपने भतीजे सतेंद्र राठौर के साथ मिलकर वादिनी के फर्जी हस्ताक्षर किए और उन्हें चार कंपनियों—देवों के देव महादेव, बनखंडी रुद्राक्ष धाम, श्री अंबे ऑटो डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड और श्री बनखंडी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पद से हटाकर सतेंद्र को निदेशक बनवा दिया। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 44 आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें कई राज्यों में भेजी गई थीं। फिलहाल एसआईटी दोनों से पूछताछ कर मामले की आगे की जांच कर रही है।

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