नीली बत्ती लगाकर घूम रहा था फर्जी RPF अधिकारी, डोईवाला पुलिस ने दबोचा

  • खुद को सहायक सुरक्षा आयुक्त बताकर लोगों पर झाड़ रहा था रौब
  • अर्टिगा कार से RPF की पी-कैप और बैज बरामद
  • कर्ज चुकाने के लिए बनाई थी फर्जी अधिकारी बनने की योजना

देहरादून। नीली बत्ती लगी कार, RPF की वर्दी वाली कैप और बैज के सहारे खुद को रेलवे सुरक्षा बल का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों पर रौब झाड़ने वाले एक व्यक्ति को डोईवाला पुलिस और RPF की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को RPF के मुरादाबाद मंडल में सहायक सुरक्षा आयुक्त (AC) बता रहा था और कथित तौर पर इसी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को प्रभावित कर ठगी करने की फिराक में था। पुलिस ने उसके कब्जे से नीली बत्ती लगी अर्टिगा कार, RPF की पी-कैप और बैज बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत एसएसपी देहरादून के निर्देश पर जिलेभर में संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 5 नवंबर को डोईवाला पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति खुद को RPF का वरिष्ठ अधिकारी बताकर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल है। सूचना पर डोईवाला पुलिस और RPF देहरादून की संयुक्त टीम ने लच्छीवाला फ्लाईओवर के पास रेलवे लाइन के समीप चेकिंग शुरू की।

नीली बत्ती लगाकर घूम रहा था फर्जी RPF अधिकारी, डोईवाला पुलिस ने दबोचा

इस दौरान नीली बत्ती लगी मारुति सुजुकी अर्टिगा कार UK 07 HQ 2387 को रोककर तलाशी ली गई। कार के डैशबोर्ड पर RPF की पी-कैप रखी मिली। वाहन में मौजूद व्यक्ति ने खुद को RPF के मुरादाबाद मंडल का सहायक सुरक्षा आयुक्त बताया, लेकिन पूछताछ के दौरान वह अपने पद से संबंधित कोई पहचान पत्र या वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। पुलिस ने RPF के मंडल मुख्यालय से जानकारी की तो इस नाम का कोई अधिकारी तैनात होना सामने नहीं आया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार किया कि वह RPF में अधिकारी नहीं है। उसकी पहचान स्मित कुमार पुत्र राजीव शर्मा निवासी ग्राम शिवाला कला, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कर्ज में डूबे होने के कारण लोगों पर रौब जमाकर आसानी से पैसे कमाने के इरादे से फर्जी अधिकारी बनने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अर्टिगा कार सीज कर दी है। उसके खिलाफ कोतवाली डोईवाला में मुकदमा संख्या 343/2026 के तहत बीएनएस की धारा 204 और 205 में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, जबकि उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।

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