- बेटियों के मेडिकल एडमिशन के लिए बनवाए थे कूटरचित प्रमाणपत्र
- आरोपियों ने कंसल्टेंट को दिए 25 और 30 लाख रुपये
देहरादून। उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में दाखिले के मामले में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने अपनी बेटियों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए फर्जी आधार कार्ड, स्थायी निवास और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र तैयार करवाए थे। इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर 2026 को थाना रायपुर और थाना क्लेमेनटाउन में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी पोर्टल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन करने के संबंध में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण-1 जया बलोनी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया था। एसआईटी ने संबंधित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की और शिक्षण संस्थानों से रिकॉर्ड जुटाए। जांच में दस्तावेजों पर दर्ज पते गलत पाए जाने के बाद पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर प्रवीण कुमार (48), जगपाल सिंह (50) और रामपाल सिंह (52) को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी हैं।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में प्रवीण कुमार और जगपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटियों खुशी और स्वाति के एमबीबीएस दाखिले के लिए पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी रूपेश पंडित से संपर्क किया था। आरोप है कि रूपेश और उसके साथी शिक्षा कंसल्टेंसी के माध्यम से निजी विश्वविद्यालयों और विदेशों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला दिलाने का काम करते थे। पुलिस के अनुसार, फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के एवज में प्रवीण कुमार ने 25 लाख रुपये और जगपाल सिंह ने 30 लाख रुपये दिए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर खुशी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया, जबकि स्वाति को नीट काउंसलिंग में शामिल कराया गया था। वहीं, पुलिस के अनुसार रामपाल सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने परिचित विशाल कुमार के साथ मिलकर अपनी बेटी तृप्ति के लिए कथित तौर पर फर्जी स्थायी निवास प्रमाणपत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र और आधार कार्ड तैयार करवाए थे। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसकी बेटी का हरिद्वार स्थित जीएमसी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला कराया गया था। एसआईटी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
