वशीकरण के नाम पर 100 से ज्यादा लोगों से ठगी का आरोप, दो शातिर गिरफ्तार

  • ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत पटेलनगर पुलिस की कार्रवाई
  • फर्जी आधार कार्ड, एटीएम और बैंक दस्तावेज बरामद
  • सोशल मीडिया पर खुद को तांत्रिक बताकर बनाते थे शिकार

देहरादून। तंत्र-मंत्र और वशीकरण के जरिए लोगों की समस्याएं दूर करने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का देहरादून पुलिस ने पर्दाफाश करने का दावा किया है। ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत पटेलनगर पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया पर खुद को वशीकरण विशेषज्ञ, ज्योतिषाचार्य और तांत्रिक बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी पारिवारिक व अन्य समस्याएं दूर करने के नाम पर पैसे ऐंठते थे। आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग नामों के आठ आधार कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर की रात पटेलनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को सूचना मिली कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो संदिग्ध व्यक्ति चमन विहार फेज-1 स्थित आशियाना होम्स में किराये पर रह रहे हैं। सूचना में उनके द्वारा कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक खाते खुलवाने और उनका इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी कर दोनों को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।

वशीकरण के नाम पर 100 से ज्यादा लोगों से ठगी का आरोप, दो शातिर गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाहरुख (26) निवासी ग्राम चित्तौड़, थाना जानसठ, मुजफ्फरनगर और सलमान (24) निवासी मोहल्ला राजौवाला, शामली, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पिछले करीब डेढ़ महीने से चमन विहार क्षेत्र में किराये पर रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी पहचान छिपाकर खुद को वशीकरण विशेषज्ञ, ज्योतिषाचार्य, शास्त्री और तांत्रिक बताने संबंधी विज्ञापन प्रसारित करते थे। इन विज्ञापनों में तांत्रिक उपायों और सिद्धि अनुष्ठानों के जरिए लोगों की समस्याएं दूर करने का दावा किया जाता था। संपर्क के लिए मोबाइल नंबर दिए जाते थे, जिनके माध्यम से लोगों से बातचीत कर उन्हें कथित तौर पर झांसे में लिया जाता था और फिर पैसे वसूले जाते थे। पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने अपने अलावा दो अन्य व्यक्तियों दिलनवाज और मोहम्मद भूरा के नाम से कथित फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार किए थे। इन दस्तावेजों में किराये के पते का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। 

वशीकरण के नाम पर 100 से ज्यादा लोगों से ठगी का आरोप, दो शातिर गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए गए थे, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जाना था। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा अब तक 100 से अधिक लोगों के साथ ठगी किए जाने की बात सामने आई है। उनके निजी और कथित फर्जी बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन की जानकारी भी जुटाई जा रही है। बरामद दस्तावेजों में आठ आधार कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, तीन बैंक पासबुक, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक मतदाता पहचान पत्र, दो भरे हुए चेक, एक जियो सिम कार्ड, एक मेट्रो कार्ड और अन्य दस्तावेज शामिल हैं। मामले में पटेलनगर कोतवाली में मुकदमा संख्या 753/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े बैंक खातों, संदिग्ध लेन-देन और ठगी के अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक नरेश सिंह राठौड़, उपनिरीक्षक आशीष कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। दून पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वशीकरण, तंत्र-मंत्र या चमत्कारी उपायों के जरिए समस्याएं दूर करने का दावा करने वाले अनजान व्यक्तियों पर भरोसा कर पैसे न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ठगी की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें।

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