हल्द्वानी। शहर के रिहायशी इलाकों में संचालित कबाड़ की दुकानों को लेकर नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम ने अब सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम बोर्ड के सर्वसम्मत निर्णय के बाद आबादी वाले क्षेत्रों में चल रही सभी कबाड़ की दुकानों को बंद कर शहर से बाहर स्थापित कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही भविष्य में नगर क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में नई कबाड़ की दुकान खोलने पर भी रोक लगा दी गई है। नगर आयुक्त परितोष वर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शहर में बड़ी संख्या में कबाड़ की दुकानें खुलने के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दुकानों के कारण गंदगी बढ़ने के साथ चोरी की घटनाओं और आग लगने का खतरा भी बना रहता है। इसे लेकर जनसामान्य में लगातार रोष और शिकायतें सामने आ रही हैं। आदेश में कहा गया है कि कबाड़ का कारोबार वर्तमान में बड़े व्यवसाय का रूप ले चुका है और रिहायशी क्षेत्रों में इसके संचालन को लेकर लोगों की आपत्तियां लगातार बढ़ रही हैं।

जनभावनाओं और सार्वजनिक हित को देखते हुए कबाड़ की दुकानों को आबादी वाले क्षेत्रों से बाहर स्थापित किया जाना आवश्यक हो गया है। नगर निगम बोर्ड ने मामले पर सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए रिहायशी क्षेत्रों में संचालित सभी कबाड़ की दुकानों को बंद कराने और उन्हें शहर से बाहर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही भविष्य में नगर क्षेत्र में नई कबाड़ की दुकान खोलने की अनुमति नहीं देने का निर्णय भी लिया गया है। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को बोर्ड के प्रस्ताव का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आबादी क्षेत्र में संचालित कबाड़ की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद कराने की कार्रवाई की जाए। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नगर निगम अधिनियम, 1959 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम के इस फैसले के बाद रिहायशी इलाकों में संचालित कबाड़ कारोबारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। वहीं, स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस निर्णय से आबादी वाले क्षेत्रों में गंदगी, आग और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लग सकेगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।





