- संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा— केवल नोटिस मिलने से नहीं कटेगा किसी का नाम, हर मतदाता को मिलेगा अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर
हल्द्वानी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत उत्तराखंड के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का ने गुरुवार को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में नोटिसों की सुनवाई, मतदाता सत्यापन प्रक्रिया और राजनीतिक दलों द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल नोटिस जारी होने से किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा और प्रत्येक नागरिक को अपना पक्ष रखने तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एसआईआर अभियान के नोटिस चरण की विस्तृत जानकारी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि 5 अगस्त 2026 तक जनपद में जारी कुल 2,35,085 नोटिसों में से 1,99,833 नोटिस, यानी लगभग 84 प्रतिशत, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के माध्यम से संबंधित मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं।
प्रकाश चन्द्र दुम्का ने कहा कि सामान्य विसंगति वाले मामलों का निस्तारण बीएलओ स्तर पर ही दस्तावेजों का सत्यापन कर किया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है, उनके मामलों पर विशेष ध्यान देते हुए ईआरओ और एईआरओ स्तर पर नियमानुसार सुनवाई और कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर अभियान का उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता को मतदाता सूची से वंचित होने से बचाना और अपात्र व्यक्तियों के नाम सूची से हटाना है। उन्होंने दोहराया कि नोटिस केवल सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे किसी भी मतदाता का नाम स्वतः नहीं हटाया जाएगा। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें एसआईआर से संबंधित कोई नोटिस प्राप्त होता है तो वे किसी प्रकार की अफवाह या भ्रम में न आएं। निर्धारित दस्तावेजों के साथ समय पर उपस्थित होकर सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाई जा सके।







