देहरादून/काशीपुर। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए काशीपुर से अवैध हथियारों और कारतूसों का भारी जखीरा बरामद किया है। मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” विजन और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत चल रही इस कार्रवाई में एसटीएफ और ऊधम सिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने एक स्विफ्ट कार से चार अवैध हथियार, 237 जिंदा कारतूस, चार मैगजीन और सात फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए हैं। मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई तेज कर दी गई है। एसटीएफ को काशीपुर के कटोराताल क्षेत्र में एक कार में बड़ी मात्रा में अवैध हथियार होने की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर देर रात संयुक्त अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने संदिग्ध स्विफ्ट कार को कब्जे में लेकर तलाशी ली तो उसके भीतर से एक 12 बोर पम्प एक्शन बंदूक, एक सेमी ऑटोमैटिक .22 बोर राइफल, एक सेमी ऑटोमैटिक .32 बोर पिस्टल, एक .32 बोर रिवाल्वर, 237 जिंदा कारतूस, चार मैगजीन और सात कूटरचित शस्त्र लाइसेंस बरामद हुए।
एसटीएफ के अनुसार बरामद हथियार, कारतूस और फर्जी लाइसेंस काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल तथा दीप्ति अग्रवाल से जुड़े पाए गए हैं। इस संबंध में पहले से दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी लाइसेंसों के जरिए हथियारों का यह कारोबार कितने बड़े स्तर पर संचालित किया जा रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच में अब तक कई संदिग्ध मामलों का खुलासा हुआ है। फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में एसटीएफ तीन मुकदमे दर्ज कर पांच आरोपियों को जेल भेज चुकी है और लगातार नए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। एसएसपी एसटीएफ ने स्पष्ट किया कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे मामलों में उत्तराखंड पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई कर रही है।

उन्होंने उन लोगों को भी चेतावनी दी जो बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड में हथियारों का उपयोग कर रहे हैं। साथ ही अपील की कि जिन लोगों के पास संदिग्ध या फर्जी शस्त्र लाइसेंस हैं, वे स्वयं आगे आकर अपने हथियार सरेंडर कर सकते हैं, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ ने आम जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों से जुड़ी किसी भी सूचना को तत्काल पुलिस तक पहुंचाया जाए। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। राज्यभर में चल रहे इस अभियान को अवैध हथियारों और फर्जी लाइसेंसों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।







