देहरादून। पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त में नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के बाद परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए प्री-ओन्ड वाहन डीलरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रवर्तन टीम ने शहर के कई कार बाजारों का निरीक्षण कर अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए हैं और सात दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी के निर्देश पर परिवहन कर अधिकारी प्रज्ञा पंत की प्रवर्तन टीम ने देहरादून में कई प्री-ओन्ड वाहन डीलर प्रतिष्ठानों का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यूके क्लासिक कार बाजार, ऑटो केयर, ड्रीम कार बाजार, अमन कार बाजार, क्लासिक कार बाजार और इनाम ऑटो सेंटर जैसे प्रतिष्ठानों में बड़ी संख्या में पंजीकृत मोटर वाहन बिक्री के लिए खड़े पाए गए। जांच के दौरान प्रतिष्ठान स्वामियों या उनके प्रतिनिधियों से पंजीकरण प्राधिकरण द्वारा जारी अधिकृत डीलर का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन मौके पर कोई वैध प्राधिकार पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया।

साथ ही कई प्रतिष्ठानों में यह प्रमाण भी नहीं मिला कि वाहन संबंधी अभिलेख और सूची को वाहन पोर्टल पर दर्ज किया गया है या वाहनों की खरीद-फरोख्त की सूचना पंजीकरण प्राधिकरण को विधिवत दी गई है। परिवहन विभाग के अनुसार Central Motor Vehicles Rules 1989 के नियम 55ए, 55जी, 55घ और 55ङ के तहत पुराने वाहनों के डीलरों को परिवहन कार्यालय से प्राधिकार पत्र लेना अनिवार्य है और सभी लेन-देन का रिकॉर्ड विधिवत दर्ज करना होता है। संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई वाहन डीलर वाहन खरीदने के बाद उनका स्वामित्व अंतरण नहीं कराते, जिससे चालान या अन्य कानूनी कार्रवाई की स्थिति में मूल वाहन स्वामी को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए ऐसे डीलरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग ने सभी प्री-ओन्ड वाहन डीलरों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करते हुए परिवहन कार्यालय से आवश्यक प्राधिकार पत्र प्राप्त कर ही वाहन खरीद-फरोख्त का कार्य करें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







