हल्द्वानी। उत्तराखंड सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता ललित जोशी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं से पूरी तरह कट चुकी है और बजट को जल्दबाजी में पेश कर केवल औपचारिकता निभाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार सदन में अपने बहुमत के दम पर बिना पर्याप्त चर्चा के बजट को पारित कराने की कोशिश करती है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर हो रही है। हल्द्वानी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ललित जोशी ने कहा कि विधानसभा अभिभाषण के तुरंत बाद बजट पेश करना भाजपा की एक रणनीति है, ताकि विपक्ष को चर्चा के लिए पर्याप्त समय न मिल सके।

उनका कहना था कि यह बजट आम आदमी के हित में नहीं बल्कि कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि जब इस बजट का राजनीतिक और आर्थिक विश्लेषण होगा, तब इसकी वास्तविक स्थिति सामने आएगी। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि राज्य में स्मार्ट मीटर का मुद्दा, विभिन्न विभागों के निजीकरण और पुरानी पेंशन योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार स्पष्ट जवाब देने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाता है तो सदन की कार्यवाही बाधित कर दी जाती है या उसे स्थगित कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इन मुद्दों को लेकर विधानसभा के भीतर और बाहर मजबूती से आवाज उठाई है और आगे भी जनता के हितों से जुड़े सवालों को लगातार उठाया जाएगा। जोशी ने आरोप लगाया कि वर्तमान परिस्थितियों में लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की जा रही है, जो राज्य के लिए चिंता का विषय है।









