देहरादून। निर्धारित सीटिंग क्षमता से अधिक सीटें लगाकर ई-रिक्शा और ई-ऑटो चलाने के मामले में परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जांच में एक ई-ऑटो में तय क्षमता से दोगुनी से भी अधिक सीटें लगाए जाने का मामला सामने आने के बाद संबंधित डीलर के संस्थान को बंद कर दिया गया है। साथ ही पूरे देहरादून संभाग में ई-रिक्शा और ई-ऑटो डीलरों तथा पंजीकृत वाहनों की व्यापक जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) देहरादून संदीप सैनी के निर्देश पर वाहन संख्या UK07TE4615 को 27 फरवरी 2026 को अधिक सीटों के साथ संचालित पाए जाने पर कार्यालय लाकर उसका भौतिक निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वाहन की निर्धारित सीटिंग क्षमता चार थी, लेकिन उसमें अवैध रूप से नौ सीटें लगाकर उसकी बनावट में बदलाव कर दिया गया था। वाहन स्वामी ने बयान दिया कि वाहन को जीएमएस रोड स्थित महालक्ष्मी एंटरप्राइजेज से खरीदा गया था और उसने स्वयं वाहन की बनावट में कोई बदलाव नहीं किया है।
इस खुलासे के बाद सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) की अगुवाई में परिवहन विभाग की टीम ने संबंधित डीलर के संस्थान का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि कुछ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर वाहनों को टाइप अप्रूवल प्रमाण पत्र की विशिष्टियों से अलग बनावट के साथ बेचा जा रहा था। गंभीर अनियमितता सामने आने पर परिवहन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संस्थान को बंद करा दिया। परिवहन विभाग को आशंका है कि इस प्रकार की अनियमितता अन्य ई-रिक्शा और ई-ऑटो डीलरों द्वारा भी की जा सकती है। इसे देखते हुए संभाग के सभी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों और प्रवर्तन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में डीलरों के शोरूम का संयुक्त निरीक्षण करने और वहां खड़े तथा बेचे जा रहे वाहनों का तकनीकी व भौतिक परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पहले से पंजीकृत ई-रिक्शा और ई-ऑटो वाहनों को नोटिस या दूरभाष के माध्यम से कार्यालय में प्रस्तुत कराकर उनका संयुक्त निरीक्षण कराने के आदेश दिए गए हैं।

परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों के पते का पुलिस सत्यापन कराने, किराये पर रहने की स्थिति में किरायानामा प्राप्त करने, चालक का भी पुलिस सत्यापन कराने और ड्राइविंग लाइसेंस की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर ई-रिक्शा और ई-ऑटो सवारी वाहनों का माल ढुलाई में उपयोग किए जाने की शिकायतों को भी गंभीरता से लेते हुए वाहन स्वामियों और चालकों से इस संबंध में लिखित अंडरटेकिंग लेने के निर्देश दिए गए हैं कि वाहन का उपयोग केवल सवारी ढोने के लिए ही किया जाएगा। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विरुद्ध वाहनों की बनावट में बदलाव कर उन्हें सड़क पर चलाने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे संभाग में इस तरह की अनियमितताओं के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।







