हल्द्वानी। नगर के विभिन्न इलाकों में मटमैले पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कुमाऊँ आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने बुधवार को उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाया। आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि हल्द्वानी शहर को हर हाल में सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हल्द्वानी कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में जल संस्थान, राजकीय सिंचाई विभाग और जमरानी बांध परियोजना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गोला नदी से लाए जा रहे पानी के मटमैला होने के कारणों और समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। कुमाऊँ आयुक्त ने कहा कि बलियानाला ट्रीटमेंट परियोजना और बहुउद्देश्यीय जमरानी बांध परियोजना दीर्घकालिक योजनाएं हैं, जिन पर वर्ष 2029 तक कार्य होना है। इन परियोजनाओं के अंतर्गत ही गोला नदी से हल्द्वानी नगर को पेयजल आपूर्ति की जाती है, इसलिए तीनों विभाग आपसी समन्वय बनाकर शुद्ध पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुधार कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और वर्षा ऋतु के दौरान टर्बिडिटी की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरती जाए, ताकि भविष्य में शहर को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान भी यह सुनिश्चित किया जाए कि पानी की गुणवत्ता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। बैठक के बाद कुमाऊँ आयुक्त ने शीशमहल स्थित पेयजल फिल्टरेशन प्लांट का निरीक्षण कर जल शुद्धिकरण प्रक्रिया और आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने फिल्टरेशन प्रक्रिया में निर्धारित मानकों के कड़ाई से पालन, क्लोरीन और फिटकरी के नियमानुसार उपयोग तथा जल परीक्षण की पूरी प्रक्रिया का समुचित दस्तावेजीकरण अनिवार्य रूप से किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और गुणवत्ता ही जनविश्वास की आधारशिला है। निरीक्षण के दौरान प्लांट परिसर में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई और अधीक्षण अभियंता जल संस्थान को तत्काल अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।







