हरिद्वार। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जनपद भर में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की कार्यप्रणाली की जांच के लिए सभी तहसीलों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर चले इस अभियान में कई केंद्रों पर नियम विरुद्ध कार्य और अतिरिक्त शुल्क वसूली की शिकायतें सत्य पाई गईं। जांच में तीन सीएससी केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उनके लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति कर दी गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ के नेतृत्व में रुड़की क्षेत्र के सीएससी केंद्रों की जांच में प्रीतम सीएससी केंद्र पर रेट लिस्ट का प्रदर्शन न होना, दैनिक रिकॉर्ड और कैश बुक का संधारण न करना तथा सीसीटीवी न होना जैसी गंभीर कमियां मिलीं। इनके आधार पर केंद्र का पंजीकरण निलंबन हेतु संस्तुत किया गया।
भगवानपुर एवं अन्य तहसीलों में भी नायब तहसीलदारों और अधिकारियों ने निरीक्षण किया। देवभूमि जन सेवा केंद्र और ऑनलाइन सर्विस एंड ग्राफिक्स सोल्यूशन में एलईडी व सीसीटीवी कार्यरत न होना, रेट लिस्ट न लगाना और विभिन्न सेवाओं पर सरकारी फीस से अधिक वसूली किए जाने की पुष्टि हुई। इन दोनों केंद्रों का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति जिलाधिकारी को भेजी गई है। लक्सर और हरिद्वार तहसील में हुए निरीक्षण में भी कई जन सेवा केंद्रों पर वेब कैमरा, शुल्क सूची, वैध सीएससी आईडी और कैश बुक जैसे अनिवार्य दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले। कुछ केंद्र निर्धारित क्षेत्र के बाहर संचालित होते पाए गए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट किया कि सभी प्रमाण पत्र और सेवाएं निर्धारित नियमों के अनुरूप ही प्रदान की जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित सीएससी केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







