देहरादून/हरिद्वार। दीपावली और अन्य त्योहारी पर्वों के मद्देनज़र उत्तराखंड सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी के खिलाफ़ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सख्त निर्देशों के बाद खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरे प्रदेश में मिलावटखोरों पर शिकंजा कस रहा है। स्वास्थ्य सचिव और खाद्य संरक्षा आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में चल रहे इस राज्यव्यापी अभियान ने अब तक कई बड़े मामलों का पर्दाफाश किया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है — “खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।” देहरादून जिले में देर रात से शुरू हुए औचक निरीक्षण अभियान के दौरान विभागीय टीमों ने विकासनगर, सेलाकुई, ऋषिकेश और मसूरी क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान अस्वच्छ परिस्थितियों में वितरित किए जा रहे करीब 180 किलो पनीर को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जबकि दूध और मिठाइयों के कुल 15 नमूने जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह और संजय तिवारी के नेतृत्व में टीमों ने तड़के सुबह तक निरीक्षण जारी रखा। सेलाकुई में होंडा सिटी कार (UP 17 H 1400) से 120 किलो पनीर अनहाइजेनिक स्थिति में वितरित करते हुए पकड़ा गया, जिसे तुरंत नष्ट कराया गया।
वहीं, हरिद्वार में खाद्य संरक्षा विभाग और पथरी पुलिस की संयुक्त टीम ने पदार्था क्षेत्र में मिठाई निर्माण इकाइयों पर छापेमारी कर दो फैक्ट्रियों का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। निरीक्षण में फैक्ट्रियों में गंदगी और कीचड़ के बीच मिठाई बनती पाई गई। मौके पर करीब दो क्विंटल बतीसा नष्ट कराया गया, जबकि गुलाब जामुन, रसगुल्ला और बतीसे के पांच नमूने जांच के लिए भेजे गए। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में वरिष्ठ अधिकारी दिलीप जैन और योगेंद्र पांडेय शामिल रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि त्योहारों के समय मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं, लेकिन सरकार जनता के स्वास्थ्य से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि “जो लोग मिलावट का धंधा कर रहे हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।” स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी सभी जिलाधिकारियों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जहां कहीं भी मिलावट की आशंका हो, तत्काल छापेमारी की जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।






