हल्द्वानी। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक मामले में सीएम पुष्कर सिंह धामी के दखल के बाद युवाओं का धरना खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री धामी ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनरत युवाओं से बातचीत की और पूरे मामले की सीबीआई जांच के निर्देश दिए। सरकार के इस फैसले के बाद जहां युवाओं ने राहत की सांस ली, वहीं राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब ने कांग्रेस पर युवाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी युवाओं की भावनाओं को समझते हैं, क्योंकि वह खुद भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने धरना स्थल पर युवाओं की मांगें सुनीं और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई जांच का फैसला लिया। मजहर नईम नवाब ने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के कंधे पर सवार होकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री धामी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। उन्होंने दावा किया कि सरकार न केवल पेपर लीक प्रकरण की जांच करवा रही है बल्कि युवाओं की अन्य मांगों पर भी गंभीरता से काम कर रही है।






