नैनीताल। नैनीताल नगर की जीवनरेखा कही जाने वाली मालरोड एक बार फिर भूधसाव की चपेट में है। लोअर मालरोड के धसने से यातायात प्रभावित हो गया है और सुरक्षा की दृष्टि से इस मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इस गंभीर स्थिति का जायजा लेने गुरुवार को कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत स्वयं मौके पर पहुंचे और लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग समेत संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने भूधसाव स्थल, रैम्प निर्माण कार्य और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मालरोड का स्थायी उपचार करना बेहद जरूरी है, इसलिए सभी विभाग इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करें। आयुक्त ने झील के चारों ओर क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत का प्रस्ताव तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि आगे और नुकसान रोका जा सके। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को यातायात जल्द से जल्द सुचारू करने के लिए तेजी से काम पूरा करने का आदेश दिया।
साथ ही कहा कि वर्ष 2018 में 25 मीटर सड़क क्षति की मरम्मत के लिए मिले लगभग चार करोड़ रुपये से कई कार्य किए जा चुके हैं, मगर शेष कार्यों को तत्काल पूरा किया जाए। भूवैज्ञानिकों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि मालरोड के लगभग 190 मीटर हिस्से में भूधसाव हो रहा है, जिसके स्थायी ट्रीटमेंट के लिए लोक निर्माण विभाग को टीएचडीसी के साथ मिलकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजनी होगी। आयुक्त ने कहा कि मालरोड केवल नैनीताल की ही नहीं, बल्कि समूचे कुमाऊँ क्षेत्र की पहचान है और इसका स्थायी समाधान कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान उन्होंने मालरोड स्थित पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त भवन की शीघ्र मरम्मत के निर्देश नगर पालिका को दिए।






