देहरादून। प्रदेश में वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और अवैध वसूली पर अंकुश लगाने के लिए आरटीओ प्रशासन देहरादून संभाग ने बुधवार को बड़ी कार्यवाही की। आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी के निर्देश पर दोपहर 1 बजे देहरादून (लालटप्पर), विकासनगर (सेलाकुई) और हरिद्वार (बहादराबाद) स्थित तीनों प्राइवेट ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर्स पर एक साथ औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान टीमों ने फिटनेस प्रक्रिया, वाहन स्वामियों की सुविधा और फीस व्यवस्था की बारीकी से जांच की। देहरादून सेंटर पर आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी स्वयं मौजूद रहे। उनके साथ एआरटीओ प्रशासन चक्रपाणि मिश्रा, आरआई अरविंद यादव और प्रदीप रौठन शामिल थे। वहीं विकासनगर सेंटर का निरीक्षण एआरटीओ प्रशासन मनीष तिवारी और आरआई प्रवीण कुमार ने किया, जबकि हरिद्वार सेंटर पर एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा और आरआई आनंद वर्धन मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान वाहन स्वामियों और चालकों से बातचीत कर यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं निर्धारित फीस से अतिरिक्त वसूली तो नहीं हो रही। वाहन चालकों ने स्पष्ट किया कि उनसे केवल निर्धारित शुल्क ही लिया गया है। आरटीओ प्रशासन ने सभी चालकों को चेताया कि यदि भविष्य में अतिरिक्त शुल्क मांगा जाता है, तो तत्काल संबंधित एआरटीओ को शिकायत दें, जिस पर कड़ी कार्यवाही होगी। देहरादून लालटप्पर सेंटर में साफ-सफाई, शौचालय और बैठने की व्यवस्था पर सवाल उठे। सेंटर प्रबंधन को तत्काल सुधार करने और लेन पर स्पष्ट मार्किंग व पेंटिंग कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, विकासनगर सेंटर पर तकनीकी खराबी के चलते 8 सितंबर से फिटनेस प्रक्रिया ठप पाई गई, जिसकी सूचना संबंधित कार्यालय को नहीं दी गई थी।

सभी सेंटर्स को निर्देशित किया गया कि सरकार द्वारा निर्धारित फीस को बड़े फ्लेक्स बोर्ड पर प्रमुख स्थानों पर लगाया जाए और 1064 नंबर की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। साथ ही फिटनेस प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो, जिसके लिए चालकों को उनके सामने फिटनेस टेस्ट देखने की अनुमति दी जाए। भौतिक निरीक्षण सख्ती से मानकों के अनुरूप किया जाए, एएनपीआर कैमरों का एक्सेस विभाग को तुरंत दिया जाए, हेल्प डेस्क स्थापित की जाए और बाहरी व्यक्तियों की एंट्री प्रतिबंधित हो। आरटीओ प्रशासन ने साफ कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत तय मानकों का पालन हर हाल में होना चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।






