देहरादून। उत्तराखंड शासन ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी में उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों के मानदेय हेतु 22 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय से प्राप्त प्रस्ताव पर सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उक्त धनराशि उपलब्ध बचतों से पुनर्विनियोग के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। आदेश के अनुसार यह स्वीकृति राज्यपाल द्वारा वित्तीय नियमों व निर्धारित शर्तों के अधीन प्रदान की गई है। स्पष्ट किया गया है कि धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत मद में ही किया जाएगा और इसे डिपॉजिट या बचत खाते में नहीं रखा जाएगा। साथ ही, खर्च 31 मार्च 2026 तक कर लिया जाना अनिवार्य होगा।


निर्देश में यह भी कहा गया है कि उपनल कर्मियों के मानदेय का भुगतान शासन द्वारा निर्धारित दरों पर ही किया जाएगा। पुनर्विनियोग की गई धनराशि का पूरा उपयोग सुनिश्चित करने के साथ वित्तीय और भौतिक प्रगति रिपोर्ट शासन को समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। शासनादेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिस मद से धनराशि पुनर्विनियोजित की गई है, उसमें पर्याप्त बचत उपलब्ध होनी चाहिए, अन्यथा स्वीकृति स्वतः निरस्त मानी जाएगी। इसके अलावा, वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर निर्गत शासनादेशों और वित्तीय अनुशासन के नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। इस निर्णय के बाद मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में कार्यरत उपनल कर्मियों को मानदेय भुगतान में आ रही बाधा दूर हो जाएगी और उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी।






