हल्द्वानी। रेलवे, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने आज हल्द्वानी के जवाहर नगर क्षेत्र में रेलवे भूमि के सर्वे व सीमांकन के दौरान 90 से अधिक अतिक्रमण चिन्हित किए, जिनमें आवासीय भवन, मस्जिद, मजार, अवैध निर्माण और अस्थायी ढांचे शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान टीम ने सभी अतिक्रमणकारियों को कानूनी प्रावधानों के तहत नोटिस जारी करते हुए 48 घंटे से 15 दिन के भीतर कब्जा हटाने या आपत्ति दर्ज कराने का निर्देश दिया। सर्वे के दौरान यह भी सामने आया कि अतिक्रमित भूमि के सौदे स्टाम्प पेपर पर किए गए हैं। टीम ने मौके पर मुनादी कर लोगों को स्वेच्छा से भूमि खाली करने की सलाह दी, अन्यथा रेलवे अधिनियम और उच्चतम न्यायालय के आदेशों के तहत बलपूर्वक कार्रवाई की चेतावनी दी। एसडीएम राहुल शाह ने बताया कि सीमांकन कार्य पूर्ण कर कब्जे वाले हिस्सों की व्यक्तिगत डिमार्किंग की जा रही है और नोटिस तामील किए जा रहे। शेष भूमि पर सर्वे व नोटिस की प्रक्रिया जारी है।
इस कार्रवाई की भनक लगते ही हल्द्वानी विधायक सुमित हृदेश समर्थकों, कांग्रेस नगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद बिष्ट और पार्षद सलमान सिद्दीकी के साथ मौके पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। उन्होंने प्रशासन पर गरीबों को उजाड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभावित लोग बिजली, पानी और हाउस टैक्स का भुगतान कर रहे हैं, फिर भी उन्हें बेदखल किया जा रहा है। हृदेश ने चेतावनी दी कि यह लड़ाई विधानसभा से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी जाएगी और विकास कार्यों में मानवीय दृष्टिकोण को सर्वोपरि रखने की मांग की। रेलवे के वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर गिरजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि नोटिस के बाद प्रस्तुत आपत्तियों और कागजात की जांच कर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। अभियान में रेलवे, राजस्व, नगर निगम, वन, विद्युत, खाद्य आपूर्ति, जल संस्थान, रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस बल की टीमें मौजूद रहीं। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराना और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।






