हल्द्वानी। हल्द्वानी में संचालित चोलामण्डलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी पर बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए वाहनों को जब्त करने के गंभीर आरोप लगे हैं। सम्भागीय परिवहन अधिकारी हल्द्वानी ने कंपनी को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। यह कार्रवाई 2 अगस्त को लुधियाना ट्रांसपोर्ट यार्ड गुमटी, लालकुआं में निरीक्षण के बाद की गई, जहां 60 से 70 वाहनों में कुछ जब्त वाहन भी पाए गए। निरीक्षण के दौरान जब यार्ड संचालक से जब्ती की प्रक्रिया, नोटिस की प्रति और न्यायालयीन आदेश मांगे गए, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर आरटीओ ने चोलामण्डलम कंपनी से स्पष्ट जवाब मांगा है कि क्या उन्होंने उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया या नहीं। जिन प्रमुख मामलों का हवाला दिया गया, उनमें ICICI बैंक बनाम प्रकाश कौर (2007), सिटीकॉर्प फाइनेंस बनाम विजयलक्ष्मी (2007), और शांति देवी शर्मा (2008) बनाम ICICI बैंक जैसे फैसले शामिल हैं, जिनमें स्पष्ट किया गया है कि जबरदस्ती या मसल पावर के जरिए वाहन कब्जे में नहीं लिए जा सकते।
आरटीओ के अनुसार, पूर्व में भी कार्यालय में यह शिकायतें मिलती रही हैं कि कंपनी द्वारा जबरन और बगैर पूर्व सूचना के वाहन जब्त किए जाते हैं। इससे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक के 12 अगस्त 2022 के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होता है। साथ ही पटना हाईकोर्ट द्वारा 2023 में दिए गए आदेश के तहत SARFAESI एक्ट की प्रक्रिया का पालन अनिवार्य बताया गया है। आरटीओ ने कंपनी से यार्ड में खड़े जब्त वाहनों के संबंध में चार बिंदुओं पर जानकारी मांगी है, पूर्व सूचना की प्रतियां, रिकवरी एजेंसी द्वारा भेजे गए नोटिस, पुलिस को दी गई सूचना व अनुमति की प्रति, और जब्ती की तिथि। जानकारी न देने की स्थिति में इसे अवैध व बलपूर्वक कार्रवाई मानते हुए कंपनी के विरुद्ध नियमानुसार अभियोग दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।






