- हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक की गला घोंटकर हत्या, पुलिस ने पत्नी और प्रेमी को किया गिरफ्तार
हरिद्वार। सावन की कांवड़ यात्रा के बीच जिले में दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। पथरी थाना क्षेत्र के अंबुवाला गांव में ई-रिक्शा चालक की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, हत्या मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की। गला घोंटकर हत्या के बाद शव को आम के बाग में फेंक दिया गया था। घटना 14 जुलाई को सामने आई थी जब अंबुवाला गांव के पास आम के एक बाग में एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली।मृतक की पहचान 48 वर्षीय प्रदीप पुत्र ओमप्रकाश के रूप में हुई, जो पेशे से ई-रिक्शा चालक था। मृतक के भतीजे की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि प्रदीप की पत्नी रीना का गांव के ही एक व्यक्ति सलेक से विवाहेत्तर संबंध था। पुलिस ने जब कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन खंगाली तो यह सामने आया कि घटना के दिन के बाद से सलेक का फोन बंद है और वह गांव से फरार है। इस सुराग को पकड़ते हुए पुलिस ने मृतक की पत्नी रीना से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
रीना ने बताया कि उसने अपने प्रेमी सलेक के साथ मिलकर पति प्रदीप की हत्या की योजना बनाई। दोनों ने 14 जुलाई की रात गमछे से गला घोंटकर प्रदीप की हत्या कर दी और शव को बाग में फेंक दिया। वारदात के बाद वे तीजे के बाद गांव छोड़कर भागने और नई जिंदगी शुरू करने की तैयारी में थे। पुलिस ने आरोपी सलेक को लक्सर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गमछा भी बरामद कर लिया।
मामले में दिलचस्प यह है कि रीना की पहली शादी से तीन बेटियां हैं और प्रदीप से दो बच्चे, जिनका भविष्य अब अधर में लटक गया है। पुलिस टीम की तत्परता से यह जघन्य अपराध सुलझा लिया गया और आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचा दिए गए। इस पूरे खुलासे में कप्तान प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में पथरी थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल व उनकी टीम ने कुशलता से काम किया, जिन्होंने सीमित समय में मामले की परतें खोल दीं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया।






