नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में शिष्टाचार भेंट कर राज्य के समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की और विभिन्न प्रस्तावों पर केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में चल रही प्रमुख योजनाओं, धार्मिक आयोजनों और भावी परियोजनाओं की जानकारी देते हुए उनके समर्थन के लिए आभार भी जताया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को कार्तिक स्वामी मंदिर की प्रतिकृति, आदि कैलाश यात्रा पर आधारित कॉफी टेबल बुक, और उत्तराखण्ड के पारंपरिक उत्पाद जैसे कनार घी, लाल चावल, काला जीरा, गंध रैण, जम्बू और स्थानीय शहद भेंट स्वरूप भेंट किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री को विश्व के 27 देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने से प्रत्येक भारतीय गौरवान्वित है।

श्री धामी ने हरिद्वार व ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर और चम्पावत में शारदा कॉरिडोर के तहत अवस्थापना विकास के लिए सीएसआर फंडिंग की मांग करते हुए संबंधित मंत्रालयों को निर्देशित करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही उत्तराखण्ड के ऊधमसिंहनगर स्थित नेपा फार्म को सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करने, दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल को हरिद्वार तक विस्तारित करने, टनकपुर-बागेश्वर और ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल परियोजनाओं में मार्ग निर्माण के प्रावधान शामिल करने का आग्रह भी किया गया। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 में प्रस्तावित नंदा राजजात यात्रा के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित करते हुए इसके सफल संचालन हेतु ₹400 करोड़ की विशेष सहायता की मांग रखी। इसी तरह 2027 में हरिद्वार में प्रस्तावित महाकुंभ के सफल आयोजन हेतु ₹3500 करोड़ की वित्तीय मदद और ऋषिकेश-हरिद्वार में विद्युत लाइनों के भूमिगत किए जाने हेतु भेजी गई ₹1015 करोड़ की डीपीआर को आरडीएसएस योजना में स्वीकृत करने की बात भी रखी गई।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को ‘चौरासी कुटिया’ को संरक्षित धरोहर के रूप में विकसित करने की योजना से अवगत कराया और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से इसके अनुमोदन का अनुरोध किया। उन्होंने पिण्डर-कोसी लिंक योजना को जल आपूर्ति और सिंचाई के क्षेत्र में क्रांतिकारी बताते हुए भारत सरकार की विशेष योजना के अंतर्गत शामिल करने की मांग की। साथ ही पांच जल विद्युत परियोजनाओं (कुल क्षमता 596 मेगावाट) को मंजूरी देने की भी अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने चारधाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा, नंदा राजजात, कुम्भ और जल जीवन मिशन से संबंधित योजनाओं में राज्य की तत्परता की जानकारी लेकर उत्तराखण्ड सरकार को हरसंभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया।






