देहरादून। परिवहन विभाग देहरादून द्वारा पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने और यातायात व्यवस्था में अनुशासन लाने के उद्देश्य से आरटीओ कार्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी हर गुरुवार को केवल सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर कार्यालय पहुँच रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य जनता को सार्वजनिक परिवहन के प्रति जागरूक करना और सरकारी कर्मचारियों के माध्यम से उदाहरण प्रस्तुत करना है। इसी क्रम में विक्रम वाहनों में ओवरलोडिंग और आगे की सीट पर सवारी बैठाने जैसी गंभीर लापरवाहियों पर भी सख्ती शुरू हो गई है। आरटीओ प्रशासन द्वारा विक्रम यूनियनों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आगे ड्राइवर केबिन के बाईं ओर की सीट को आधी शीट लगाकर स्थायी रूप से बंद किया जाए, ताकि कोई सवारी वहां न बैठे। यह हिस्सा इंजन के पास होने के कारण अत्यंत संवेदनशील होता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
फिलहाल कुछ विक्रम चालकों ने इस निर्देश का पालन शुरू कर दिया है, आरटीओ ने बाकी वाहनों में भी तत्काल इसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर ई-रिक्शा के विक्रय में मानकों की अनदेखी करने वाले डीलर्स पर भी शिकंजा कसा गया है। आरटीओ देहरादून द्वारा बुलाई गई डीलर्स मीटिंग में केवल दो डीलर्स ही उपस्थित हुए, जबकि अधिकांश डीलर गैरहाजिर रहे। इस लापरवाही और मानकों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए, आरटीओ ने सभी गैरहाजिर डीलर्स का वाहन पोर्टल लॉगिन अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। अब जब तक ये डीलर्स अपनी अनियमितताओं का निराकरण नहीं करते, वे नए ई-रिक्शा विक्रय नहीं कर सकेंगे।आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने साफ किया है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुरक्षा और विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, और इन दोनों वर्गों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।






